Sunday, June 15, 2014

मैं खुद ही हो जाऊंगा बदनाम

अभी सूरज नहीं डूबा
ज़रा सी शाम तो होने दो
मैं खुद ही लौट जाऊँगा
मुझे नाकाम तो होने दो

मुझे बदनाम करने के
बहाने ढूंढते हो क्यूँ
मैं खुद ही हो जाऊंगा बदनाम
ज़रा सा नाम तो होने दो....

" मेरी प्यारी बीवी "..!!!


" मेरी प्यारी बीवी "..!!!

" सवाल " कुछ भी हो,
" जवाब " तुम ही हो.
" रास्ता " कोई भी हो,
" मंज़िल " तुम ही हो.
" दु:ख " कितना भी हो,
" खुशी " तुम ही हो.
" अरमान " कितना भी हो,
" आरज़ू " तुम ही हो.
" गुस्सा " जितना भी हो,
प्यार तुम ही हो .
" ख्वाब " कोई भी हो,
" तकदीर " तुम ही हो.
यानि ऐसा समझो कि ,
" फसाद " कुछ भी हो,
सारे " फसाद " की " जड़ " ,
सिर्फ " तुम " ही हो .. 

दोस्तो के साथ
जीने का इक मौका
दे दे ऐ खुदा...
तेरे साथ तो
हम मरने के बाद
भी रह लेंगे....

इस दुनिया के
लोग भी कितने
अजीब है ना ;

सारे खिलौने
छोड़ कर
जज़बातों से
खेलते हैं...

वक़्त में सागर का नमक

वक़्त की मरहम भी
लगता है
अपना फ़र्ज़
भूल चुकी है

अब तो शायद
इस मिलावट के दौर में

वक़्त में भी
सागर का नमक
मिल गया है

जो ये वक़्त
मरहम की सुकूनियत की बजाए
अब नमक की हरारत ही दे रहा है

कडुवा सच

यही  तो कडुवा सच है 
मेरे भाई

चोट पे चोट 
खाते जाओ
हँसते जाओ
हँसाते जाओ

उफ़ ना करो
सी ना करो 

ज़िंदगी जिंदादिली का नाम है 
बुज़दिल क्या ख़ाक जिया करते हैं 

मरने से पहले थाम लेना मेरी बाहें,

बेबस  है  दिल
बेरहम  हैं  निगाहें,

मरने  से  पहले
थाम  लेना  मेरी  बाहें,

फिर
मालूम  नहीं
मंज़िल  मिले  न  मिले,

संभल  कर  चलना
काँटों  भरी  हैं
राहें ..